Sad Shayari in Hindi | Popular 2025 Sad Lines

दिल टूटा है, आँखें नम हैं, और शब्दों में ढल रहा है दर्द? अगर आप भी उन्हीं लोगों में से हैं जिनके जज़्बातों की तर्जुमानी शायरी बन जाती है, तो आप सही जगह हैं। इस ब्लॉग में हम बात करेंगे **Sad Shayari in Hindi** की, उस दर्द भरी शायरी की जो आपके टूटे हुए दिल की आवाज़ बनती है।

ज़िन्दगी के उतार-चढ़ाव में कभी न कभी हम सभी गम के सागर में डूब जाते हैं। ऐसे में शायरी एक सहारा बनकर हमारे दर्द को कम करने में मदद करती है। चाहे वो प्यार में धोखा हो, किसी अपने का बिछड़ना हो, या फिर ज़िन्दगी की कोई और मुश्किल, हिंदी में दुख भरी शायरी हमें अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का एक ज़रिया देती है।

कभी-कभी शब्दों में वो ताक़त होती है जो आँसुओं में नहीं होती। ये शायरी सिर्फ़ शब्द नहीं, बल्कि एहसास होते हैं, जो सीधे दिल में उतर जाते हैं। इस ब्लॉग में हम आपके लिए लेकर आए हैं चुनिंदा हिंदी में दुख भरी शायरी, जो आपको न सिर्फ़ आपके दर्द से जुड़ने का एहसास दिलाएगी बल्कि आपको उसे शब्दों में ढालकर हल्का भी महसूस कराएगी। तो चलिए, इस सफ़र में हमारे साथ शामिल होइए और अपने दिल के दर्द को शायरी के ज़रिये बयां कीजिए। यहाँ आपको मिलेगी मोहब्बत में धोखा, जुदाई का गम, तन्हाई का दर्द और भी बहुत कुछ, शायराना अंदाज़ में। आगे बढ़िए और खुद को इन दर्द भरी शायरियों में खो दीजिये।

खुशियों की तलाश में निकले थे घर से,
दर्द ही मिला है हर डगर से।
दिल में एक दर्द सा उठ रहा है,
जैसे कोई अपना दूर जा रहा है।

आँखों में आँसू हैं, चेहरे पे मुस्कान,
ये कैसी ज़िन्दगी है, ये कैसा इम्तिहान।
टूटे हुए ख्वाबों का गम है,
जिंदगी अधूरी सी, ये कैसा दम है।

यादें तेरी सताती हैं हर घड़ी,
कैसे भूल जाऊं तुझे, बता दे कोई कड़ी।
हँसते हुए चेहरे पे भी गम छुपा है,
दिल का दर्द किसी से कह नहीं पाया।

दुनिया की भीड़ में तन्हा सा हूँ मैं,
अपने ही साए से डर रहा हूँ मैं।
खामोश लबों पर हज़ारों दर्द हैं,
अनकहे अल्फाज़ दिल में गर्द हैं।

ज़िन्दगी एक सफ़र है, मुश्किलों भरा,
हर कदम पर ठोकर, हर मोड़ पर खारा।
कितना कुछ कहना था, पर कह न सके,
बस चुपचाप आँसू बहाते रहे।

आँखों में नमी, लबों पे ख़ामोशी,
कहानी है ये मेरी बेबसी की।
दिल टूटा है इस कदर आज,
मुश्किल है अब जीना हर साँस।

यादें तेरी चुभती हैं काँटों सी,
ज़िन्दगी गुजर रही है रातों सी।
उम्मीद की किरण भी बुझ गई है,
अब तो बस तन्हाई ही सह गई है।

हँसते हुए चेहरे पर भी ग़म है,
ये दुनिया भी कितनी बेरहम है।
टूट कर बिखर गए हैं सारे ख्वाब,
अब तो बस बाकी है मौत का आगाज़।

कोई नहीं समझता दर्द मेरे दिल का,
यहाँ हर कोई है अपने मतलब का।
आँसू भी अब थक गए हैं बहते बहते,
ज़ख्म भी अब भर गए हैं सहते सहते।

खुशी की तलाश में भटक रहे हैं,
दर्द के सागर में डूब रहे हैं।
खुशियों के रंग उड़ गए हैं कहीं,
दिल में बस दर्द की छाया है रह गई।

आँखों में नमी, लबों पे ख़ामोशी,
ये कैसी उदासी दिल में छाई है।
टूट गया है कोई सपना शायद,
इसलिए ये बेचैनी दिल में आई है।

हँसता हुआ चेहरा भी रुआँसा लगता है,
जब ज़िन्दगी बेरंग सी हो जाती है।
दिल का दर्द किसी से कह नहीं पाते,
बस चुपचाप आँसू बहाते जाते हैं।

ख़ामोश हैं लब, मगर दिल चीख़ रहा है,
कोई तो सुन ले ये दर्द कह रहा है।
यादें तेरी सताने लगी हैं अब,
और गहरा हो गया है ये ग़म का समंदर।

दुनिया की भीड़ में भी तन्हा सा महसूस होता हूँ,
जैसे कोई अपना ही मुझसे दूर हो गया।
मुस्कुराहटें तो बस चेहरे का नक़ाब हैं,
अंदर ही अंदर दिल टूट रहा है।

जीवन की राहों में अकेले चल रहे हैं,
खुशियों के दीप सब बुझ से रहे हैं।
दर्द का सागर गहरा है, किनारा नहीं मिलता,
टूटे हुए दिल का सहारा नहीं मिलता।

आँखों में आँसू हैं, फिर भी मुस्कुराते हैं,
दुनिया को क्या पता, हम किस दर्द में जीते हैं।
खामोश लबों पर, हज़ारों ग़म छुपाए हैं,
मुस्कुराते चेहरे ने, कितने आँसू बहाए हैं।

ज़िन्दगी एक सवाल है, जवाब नहीं मिलता,
ढूंढते हैं खुशियाँ, पर आराम नहीं मिलता।
टूटे हुए ख्वाबों का, कोई मोल नहीं होता,
बिखरे हुए मोती, फिर से पिरोए नहीं जाते।

दिल में एक दर्द है, जो कह नहीं सकते,
आँखों से बहते आँसू, रोक नहीं सकते।
तन्हाई का आलम, कौन समझेगा,
इस दर्द भरे दिल को, कौन सहलाएगा।

उम्मीद की किरण भी, अब डूबने लगी है,
ज़िन्दगी की डोर, अब टूटने लगी है।
कहने को तो बहुत कुछ है, पर कह नहीं पाते,
दर्द का बोझ दिल में, दबाए जाते हैं।

खुशियों की तलाश में, हम भटकते रहे,
दर्द के साये में, हम उलझते रहे।
खुशियों की तलाश में निकले थे घर से हम,
दर्द ही मिला है हर डगर से हम।

आँखों में नमी, लबों पे ख़ामोशी छाई है,
कहने को बहुत कुछ है, पर जुबां पे मुहर लगी है।
टूटे हुए ख्वाबों का गम है,
ज़िन्दगी अब एक बोझ सा लगता है।

दिल में एक दर्द सा उठता है,
जब तेरी याद आती है।
उदास शाम, वीरान रास्ते,
तनहाई का आलम है हर तरफ़।

हँसते हुए चेहरे पर भी ग़म छुपा है,
कोई समझ नहीं पाया, दर्द कितना गहरा है।
ख़ामोश बैठे हैं, आँसू भी सूख गए,
अब तो दर्द भी अपना सा लगने लगा है।

दुनिया की भीड़ में भी तनहा हूँ मैं,
कोई अपना नहीं, ये एहसास है।
कितना कुछ कहना था तुमसे,
पर अब लफ्ज़ भी साथ छोड़ गए।

दिल टूटा है, पर ज़िंदा हूँ मैं,
बस अब मुस्कुराना भूल गया हूँ।
दिल टूटा है इस कदर, कोई जोड़े भी न जुड़े,
आँखों से बहते आँसू, अब रुकते भी न रुके।

ALSO READ  100+ Romantic Shayari in Hindi - Latest 2025 Feelings at Socialsayari.com

Leave a Comment